अगर आप भी किसी जमीन का मालिक है, आपके 50 या 100 साल पहले उसका मालिक कोई और रहा होगा।तो उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के पास जमीन का पुराने से पुराना रिकॉर्ड रखा होता है। जिसमें आप चेक कर सकता है, कि इससे पहले कौन सी जमीन किसके नाम पर था। जिससे आपको रिकॉर्ड देखने के लिए बार बार सरकारी दफ्तर में जाने की भी आवश्यकता नहीं है। आप घर बैठे अपने फ़ोन से ही अपने जमीन का पुराने से पुराना रिकॉर्ड चेक कर सकते है।
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ToggleUP Bhulekh में जमीन का पुराना रिकॉर्ड
पोर्टल का नाम | UP Bhulekh में जमीन का पुराना रिकॉर्ड |
विभाग का नाम | भूमि अभिलेख अनुरक्षण विभाग |
जानकारी | किसी भी जमीन का पुराना से पुराना रिकॉर्ड देखने में विस्तृत जानकारी उपलब्ध हैं। |
लाभार्थी | उत्तर प्रदेश राज्य के सभी नागरिक / भूमि मालिक |
आधिकारिक वेबसाइट | https://upbhulekh.gov.in/ |

यूपी में जमीन का पुराना रिकॉर्ड कैसे देखें? जाने
यदि आप भी किसी भी जमीन को खरीदते या बेचते है तो आपको उस जमीन के पूरे पुराने रिकॉर्ड को दिखाना होता है। यह जमीन सबसे पहले किसके नाम थी और वह किस तरह से आगे बढ़ती चली आ रही है इस सब की पूरी जानकारी इस रिकॉर्ड में शामिल होती है। पुराने जमीन के रिकॉर्ड में आपको जमीन का वास्तविक नक्शा और उसके मालिकाना हक की भी पूरी जानकारी पता चलती है।
उत्तर प्रदेश में जमीन का पुराना रिकॉर्ड कैसे देखें? जाने
उत्तर प्रदेश में जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकालना या देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नीचे दिए गए सभी चरणों का पालन करना होगा जो इस प्रकार है –
चरण 1 – उत्तर प्रदेश राज्य की भूलेख आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
सबसे पहले आपकोत्तर प्रदेश राज्य की भूलेख आधिकारिक वेबसाइट पर https://upbhulekh.gov.in विजिट करना होगा
चरण 2 – खतौनी की नकल देखें :-
आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर आपको अलग-अलग विकल्प दिखाई देंगे उसमे से आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल देखे” विकल्प पर क्लिक कर देंना है ।
चरण 3 – सभी जानकारियां दर्ज करें :-
आप जिस जमीन की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं उस जमीन के स्थान जैसे – जिला, तहसील और गांव आदि का चयन कर देना है उसके बाद आपको उद्धरण देखें पर क्लिक कर देंना है ।

चरण 4 – अपनी जमीन की पुरानी जानकारी देखें :-
इसके बाद सभी निर्देशों का पालन करने के बाद आप को उस जमीन से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी आपके स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी इसके अलावा जमीन का पुराना रिकॉर्ड ,मालिक का नाम भी आपको इस स्क्रीन पर दिखने लगेगा।

उत्तर प्रदेश में किसी जमीन का पुराना रिकॉर्ड ऑफलाइन कैसे निकालें?
यदि आप भी उत्तर प्रदेश में किसी जमीन का पुराना रिकॉर्ड को ऑफलाइन निकालना चाहते है तो इसके के लिए आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं –
- तहसील कार्यालय जाएं: सबसे पहले, आपको अपनी जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकालने के लिए जमीन जिस तहसील के अंतर्गत आती है, आपको उस तहसील कार्यालय में जाना होगा।
- लेखपाल से संपर्क करें: तहसील कार्यालय में पटवारी या लेखपाल से मिलाना होगा । उनके पास जमीन के पुराने रिकॉर्ड्स और दस्तावेज़ उपलब्ध होते हैं। अपनी उन्हें अपने जमीन के विवरण, जैसे की खसरा नंबर, खाता नंबर, आदि को बताना होगा ।
- रिकॉर्ड की खोज और सत्यापन: पटवारी या लेखपाल आपके दिए गए विवरणों के आधार पर पुराने रिकॉर्ड्स को खोजेंगे। यह सभी रिकॉर्ड पुराने भूमि रिकॉर्ड रजिस्टरों या अभिलेखों में उपलब्ध हो सकते हैं।
- जरूरी दस्तावेज़ जमा करें: आपको अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज़ जैसे की खसरा-खतौनी, दिखाने की आवश्यकता हो सकती है जिससे पुष्टि हो सके कि आप सही व्यक्ति हैं जो भी जानकारी मांग रहा है।
नोट :- रिकॉर्ड्स की जांच के बाद, आप पटवारी या लेखपाल से जमीन के पुराने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको कुछ शुल्क भी देना पड़ सकता है।
जमीन का पुराना रिकार्ड देखने की जरूरत क्यों पड़ती है?
आपको कुछ वजहों से हमें जमीन का पुराना रिकॉर्ड देखने की जरुरत पड़ती है जो इस प्रकार है –
- जब कोई जमीन की खरीदी या बिक्री की जाती है, तो आपको उस जमीन का पुराना रिकॉर्ड देखना होगा और जमीन का मूल मालिक का पता लगाना आवश्यक है।
- यदि कोई व्यक्ति आपकी ज़मीन अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। ऐसे में आपको जमीन से संबंधित पुराना रिकॉर्ड की आवस्यकता होती है जिससे आप उस जमीन पर दावा कर सकें।
- पुराना रिकॉर्ड जमीन पर बहस करने में बहुत महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इस पुराने रिकॉर्डों से यह पता चल सकता है कि उस जगह का पहला मालिक कौन था।
- जमीन का पुराना रिकॉर्ड आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है यदि वह जमीन केस न्यायालय में चल रहा है।
जमीन के रिकॉर्ड का महत्व
राजस्व गणना में यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पुराना रिकॉर्ड प्रशासन को जानने में मदद करता है नीचे आपको हम कुछ महत्व बताये है –
- भूमि रिकॉर्ड सरकार को यह पता लगाने में मदद करते हैं कि आप कितना पैसा कमा रहे हैं और यह पैसा कहां से आ रहा है। सरकार राजस्व प्राप्त करने के लिए जमीन पर निर्भर है, इसलिए संपत्ति का रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण है।
- भारत के भूमि सुधार विभाग को वित्तीय और तकनीकी सहायता के लिए आपके जमीन का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है
- भू-अभिलेखों को हमेसा व्यवस्थित करना चाहिए इसका अर्थ है कि अभिलेखों का समय समय पर अनुमापन किया जाना चाहिए जिससे लोग फर्जी या नकली दस्तावेजों का उपयोग नहीं कर सकें।
जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकालने के लिए राज्यवार वेबसाइट लिंक
जमीन का पुराने से पुराना रिकॉर्ड निकालने के लिए अलग – अलग राज्यों की अलग – अलग वेबसाइट उपलब्ध है। जो इस प्रकार है –
आंध्र प्रदेश | क्लिक करें |
असम | क्लिक करें |
बिहार | क्लिक करें |
छत्तीसगढ़ | क्लिक करें |
दिल्ली | क्लिक करें |
गुजरात | क्लिक करें |
हरियाणा | क्लिक करें |
हिमाचल प्रदेश | क्लिक करें |
झारखंड | क्लिक करें |
केरल | क्लिक करें |
कर्नाटक | क्लिक करें |
महाराष्ट्र | क्लिक करें |
मध्य प्रदेश | क्लिक करें |
मणिपुर | क्लिक करें |
उड़ीसा | क्लिक करें |
पंजाब | क्लिक करें |
राजस्थान | क्लिक करें |
तेलंगाना | क्लिक करें |
त्रिपुरा | क्लिक करें |
उत्तराखंड | क्लिक करें |
पश्चिम बंगाल | क्लिक करें |
जमीन का पुराना रिकॉर्ड सम्बंधित प्रश्न -
प्रश्न :- पुराने भूमि अभिलेख कैसे प्राप्त करें ?
उत्तर :- पुराने भूमि अभिलेख का मतलब पुरानी जमीन / खेत / प्लाट से है। इसे प्राप्त करने के लिए आपको अपने राज्य के भूलेख के अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा फिर इसके बाद उस जमीन का जिला, तहसील, और ग्राम का नाम चुनाव करना होगा । उसके बाद आपको उस जमीन का प्लाट नंबर/ खसरा नंबर / जमीन का मालिक का नाम कोई ई दर्ज करना होगा जिसके बाद आप अपने पुराने भूमि अभिलेख आसानी देख या प्राप्त कर सकते है ।
प्रश्न :-जमीन का पुरानी कागजात कैसे निकालें ऑनलाइन ?
उत्तर :-जमीन का पुरानी कागजात ऑनलाइन निकालने के लिए आपको अपने राज्य के भूलेख के अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। फिर इसके बाद उस जमीन का जिला, तहसील, और ग्राम का नाम चुनाव करना होगा । उसके बाद आपको उस जमीन का प्लाट नंबर/ खसरा नंबर / जमीन का मालिक का नाम कोई ई दर्ज करना होगा इस प्रक्रिया से जमीन का पुरानी कागजात निकाल सकते है।
प्रश्न :-उत्तर प्रदेश में जमीन का पुराना रिकॉर्ड देखने की वेबसाइट क्या है ?
उत्तर :- उत्तर प्रदेश में जमीन का पुराना रिकॉर्ड देखने के लिए राजस्व परिषद् की आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in दिया गया है। यह नागरिकों के लिए बिलकुल फ्री में उपलब्ध है।
प्रश्न :-यूपी में जमीन का पुराना रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए कितना फीस देना होगा ?
उत्तर :-उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् द्वारा यूपी भूलेख वेब पोर्टल ऑनलाइन जमीन रिकॉर्ड उपलब्ध है। आम नागरिकों को कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रश्न :-जमीन का पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल रहा क्या करें ?
उत्तर :- अगर आपको यूपी भूलेख पोर्टल पर ऑनलाइन अपने जमीन का पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है तब आपको सीधे अपने तहसील कार्यालय में चले जाना होगा। वहा पर आपको निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।