कृपया ध्यान दें: यह आपकी जानकारी के लिए बनाई गई एक स्वतंत्र साइट है। इसका यूपी सरकार से कोई सीधा संबंध नहीं है। आधिकारिक काम के लिए upbhulekh.gov.in पर जाएँ।
यूपी भूलेख 2026 — संपूर्ण जानकारी एक जगह

यूपी भूलेख (2026): घर बैठे अपनी ज़मीन, खसरा, खतौनी और नक्शा देखें

अब आपको तहसील या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं। उत्तर प्रदेश सरकार के इस डिजिटल पोर्टल से आप अपनी जमीन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी बस एक क्लिक में निकाल सकते हैं।

Bhulekh Area Calculator

To
1 बीघा = 27000 वर्ग फुट
100% सुरक्षित
सरकारी भरोसा

यूपी राजस्व विभाग की पहल

24×7 सेवा
कभी भी चेक करें

रात हो या दिन, रिकॉर्ड आपकी स्क्रीन पर

लाखों लाभार्थी
किसानों की पसंद

हर दिन लाखों लोग इसका फायदा उठाते हैं

2016 से चालू
डिजिटल यूपी

लगातार बेहतर होता सिस्टम

इस पोर्टल पर आप क्या-क्या कर सकते हैं?

यहाँ वे सभी मुख्य काम दिए गए हैं जो लोग आमतौर पर इस साइट पर आकर करते हैं। संबंधित जानकारी के लिए उस पर क्लिक करें।

आखिर यह 'यूपी भूलेख' पोर्टल है क्या?

अगर सीधी भाषा में कहें तो "भूलेख" का मतलब है आपकी ज़मीन का लिखित ब्यौरा। यूपी सरकार ने आपकी सुविधा के लिए यह ऑनलाइन पोर्टल बनाया है ताकि आप अपनी ज़मीन का खाता, खसरा, और खतौनी घर बैठे ही देख सकें।

पहले के समय में ज़मीन का एक छोटा सा कागज निकलवाने के लिए भी तहसीलों में लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं। पटवारी (लेखपाल) को ढूँढना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह वेबसाइट खास तौर पर इसीलिए बनाई गई है ताकि ज़मीन से जुड़े काम पारदर्शी हों और आपको कोई बेवकूफ न बना सके।

साल 2016 से यूपी में ज़मीनों का रिकॉर्ड डिजिटल होना शुरू हुआ था और आज के समय में यह सिस्टम इतना बढ़िया हो चुका है कि कोई भी आम आदमी आसानी से अपनी प्रॉपर्टी की सारी डिटेल अपने मोबाइल पर देख सकता है।

खसरा और खतौनी में क्या अंतर है?

ज़मीन के मामलों में अक्सर दो शब्द सबसे ज़्यादा सुनाई देते हैं - खसरा और खतौनी। आम लोग इसमें काफी कन्फ्यूज़ रहते हैं, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं:

  • खसरा (Khasra): इसे आप अपनी ज़मीन का 'पहचान पत्र' या नक्शे का नंबर मान सकते हैं। यह बताता है कि ज़मीन का टुकड़ा कहाँ है, उसका क्षेत्रफल कितना है, वहाँ कौन सी फसल बोई जाती है या वह आबादी की ज़मीन है। हर ज़मीन के टुकड़े का एक खसरा नंबर होता है।
  • खतौनी (Khatauni): यह उस व्यक्ति का 'अकाउंट' होता है जिसके नाम पर वो ज़मीनें हैं। खतौनी में एक व्यक्ति के नाम पर उस गांव में मौजूद सभी खसरों (प्लॉट्स) की लिस्ट होती है। इससे पता चलता है कि असली मालिक कौन है और उस पर किसी बैंक का लोन तो नहीं है।

अपने मोबाइल से खतौनी (नकल) कैसे निकालें?

यह बहुत आसान है! बस नीचे दिए गए 10 स्टेप्स को फॉलो करें और आपकी खतौनी आपके सामने होगी:

  1. 1 सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर में आधिकारिक वेबसाइट (upbhulekh.gov.in) खोलें।
  2. 2 होम पेज पर आपको बहुत सारे ऑप्शन दिखेंगे, उसमें से “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” वाले लिंक पर क्लिक करें।
  3. 3 सुरक्षा के लिए स्क्रीन पर एक Captcha (कुछ टेढ़े-मेढ़े अक्षर) दिखेगा, उसे सही-सही बॉक्स में भरें और Submit करें।
  4. 4 अब एक नया पेज खुलेगा। यहाँ सबसे पहले अपना जनपद (जिला) चुनें, फिर अपनी तहसील और उसके बाद अपने ग्राम (गांव) का नाम चुनें।
  5. 5 इसके बाद ज़मीन खोजने के कई तरीके मिलेंगे—जैसे खसरा/गाटा संख्या से, खाता संख्या से, या सीधे ज़मीन के मालिक के नाम से। अपनी सुविधा के अनुसार कोई एक चुनें।
  6. 6 नंबर या नाम डालकर हरे रंग के “खोजें” बटन पर क्लिक करें।
  7. 7 नीचे लिस्ट में सही नाम दिखने पर उसे सेलेक्ट करें और “उद्धरण देखें (View Extract)” पर क्लिक करें।
  8. 8 एक बार फिर आपको Captcha भरना पड़ सकता है, उसे भरें।
  9. 9 बधाई हो! आपकी खतौनी की पूरी नकल आपकी स्क्रीन पर खुलकर आ जाएगी।
  10. 10 अब आप चाहें तो इसे भविष्य के लिए Save (Download) कर सकते हैं या सीधा Print भी निकाल सकते हैं।

भू-नक्शा (Bhu Naksha) कैसे देखें?

कागज पर तो आपने ज़मीन देख ली, लेकिन मैप पर आपकी ज़मीन की डिज़ाइन कैसी है, अगल-बगल में किसकी ज़मीन है और रास्ता किधर से है, यह जानने के लिए आपको 'भू-नक्शा' देखना होता है।

इसके लिए यूपी सरकार ने एक अलग वेबसाइट (upbhunaksha.gov.in) बनाई है। वहाँ जाकर आपको अपना जिला, तहसील और गाँव चुनना होता है। इसके बाद गाँव का पूरा नक्शा खुल जाएगा। इसमें आप अपने खसरा नंबर पर क्लिक करके उस ज़मीन की चौहद्दी (Boundary) और मालिक का नाम नक्शे पर ही देख सकते हैं।

रियल टाइम खतौनी (Real Time Khatauni) क्या है?

पहले ज़मीन का रिकॉर्ड अपडेट होने में महीनों लग जाते थे। कोई ज़मीन बिकती थी तो महीनों तक पुरानी खतौनी में पुराने मालिक का ही नाम दिखता था।

लेकिन अब रियल टाइम खतौनी का सिस्टम आ गया है। जैसे ही तहसील में कोई दाखिल-खारिज (Mutation) पास होता है, उसी दिन या अगले दिन वह खतौनी में दिखने लगता है। भूलेख पोर्टल पर आपको 'रियल टाइम खतौनी की नकल देखें' का विकल्प मिलेगा। अगर आपने हाल ही में ज़मीन खरीदी या बेची है, तो हमेशा इसी विकल्प से अपना रिकॉर्ड चेक करें।

ज़मीन का नक्शा कैसे डाउनलोड करें?

जब आप भू-नक्शा पोर्टल पर अपनी ज़मीन खोज लेते हैं, तो बाईं तरफ मेन्यू में "Map Report" का ऑप्शन आता है।

इस पर क्लिक करने से आपके प्लॉट का एक साफ़-सुथरा नक्शा PDF फॉर्मेट में जनरेट हो जाता है। आप इसे आसानी से अपने फोन या कंप्यूटर में डाउनलोड करके रख सकते हैं। बैंक लोन या घर का नक्शा पास कराते समय यह बहुत काम आता है।

ज़मीन खरीदने से पहले भूमि सत्यापन (Verification) कैसे करें?

कोई भी प्लॉट या खेत खरीदने से पहले ऑनलाइन वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है ताकि आपके साथ कोई फ्रॉड न हो:

  • असली मालिक की पहचान: खतौनी निकालकर देखें कि जो व्यक्ति आपको ज़मीन बेच रहा है, क्या असली कागज़ों में नाम उसी का है?
  • लोन या विवाद (बंधक): खतौनी के "टिप्पणी" सेक्शन में ज़रूर पढ़ें। अगर ज़मीन पर बैंक का लोन है या कोई कोर्ट केस चल रहा है, तो वो सब टिप्पणी में लाल या काले अक्षरों में लिखा होता है।
  • रकबा (Area) चेक करें: जितना एरिया आपको बेचा जा रहा है, क्या खतौनी में भी उतना ही रकबा दर्ज़ है या उससे कम है?

खसरा या खाता नंबर नहीं पता? नाम से कैसे खोजें?

कई बार हमें अपनी ज़मीन का खाता नंबर या गाटा संख्या याद नहीं होती। ऐसे में आप सिर्फ नाम से भी ज़मीन ढूंढ सकते हैं।

खतौनी देखते समय ऊपर दिए गए टैब्स में से "खातेदार के नाम द्वारा खोजें" पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक हिंदी का कीबोर्ड स्क्रीन पर दिखेगा। उसमें अपने नाम के शुरू के 2-3 अक्षर टाइप करें और "खोजें" दबाएं। आपके नाम से मिलते-जुलते गांव के सभी लोगों की लिस्ट आ जाएगी। आप अपने पिता/पति के नाम से मिलान करके अपनी ज़मीन का रिकॉर्ड देख सकते हैं।

खाता संख्या से कैसे खोजें?

अगर आपके पास कोई पुरानी खतौनी रखी है, तो उस पर एक 5 अंकों का 'खाता संख्या' (जैसे- 00123) लिखा होता है।

आप ऑनलाइन पोर्टल पर "खाता संख्या द्वारा खोजें" चुन सकते हैं। यह तरीका सबसे तेज और सटीक होता है क्योंकि एक खाते में आपकी उस गांव की सारी ज़मीन एक साथ दिख जाती है, आपको अलग-अलग खसरा नंबर डालने की जरूरत नहीं पड़ती।

ज़मीन के प्रकार के हिसाब से रिकॉर्ड देखना

ग्रामीण रिकॉर्ड (गांव की ज़मीन)

गांवों की ज़्यादातर ज़मीनें कृषि वाली या आबादी वाली होती हैं। इनका रिकॉर्ड देखने के लिए आपको सीधे Bhulekh UP पर अपने जिले, तहसील और अपने गांव का नाम चुनना होता है। गांव का नाम वर्णमाला (Alphabetical order) में होता है, जिससे उसे खोजना आसान हो जाता है।

शहरी रिकॉर्ड (शहर की ज़मीन)

शहरों की ज़मीन, जो नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत के अंदर आती है, उसका रिकॉर्ड भी अब ऑनलाइन हो रहा है। इसके लिए आप तहसील चुनने के बाद उन गांवों या वॉर्ड्स का नाम चुन सकते हैं जो शहरी सीमा में आते हैं। कई शहरी प्लॉट्स का रिकॉर्ड आवास विकास या विकास प्राधिकरण के पास भी होता है।

प्लॉट या मकान का रिकॉर्ड

अगर आपने कोई प्लॉट खरीदा है और उसका दाखिल-खारिज करवा लिया है, तो वह खतौनी में आपके नाम से चढ़ जाएगा, भले ही उसका रकबा (Area) 0.010 हेक्टेयर ही क्यों न हो। आप खसरा नंबर डालकर अपने घर या प्लॉट की स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

कृषि भूमि (किसानों के लिए)

किसानों के लिए भूलेख सबसे अहम है। किसान सम्मान निधि का फॉर्म भरना हो, बैंक से KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) पर लोन लेना हो, या फसल का बीमा कराना हो—हर जगह ताज़ा खतौनी की कॉपी लगती है, जिसे आप यहीं से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।

एक नजर में: यूपी भूलेख 2026

विवरण जानकारी
पोर्टल का नाम यूपी भूलेख (UP Bhulekh 2026)
किसने शुरू किया? उत्तर प्रदेश सरकार (राजस्व विभाग)
मेन मकसद जमीन के कागज़ ऑनलाइन करना और पारदर्शिता लाना
आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in
मुख्य सेवाएं खसरा, खतौनी, रियल-टाइम अपडेट, भू-नक्शा
फीस देखने और डाउनलोड करने के लिए एकदम फ्री

पोर्टल इस्तेमाल करते समय इन बातों का ध्यान रखें (सावधानियां)

सिर्फ सरकारी वेबसाइट का प्रयोग करें

हमेशा ब्राउज़र में upbhulekh.gov.in टाइप करके ही साइट खोलें। आजकल कई फर्जी साइट्स भी बन गई हैं, जो पैसे मांगती हैं। उनसे सावधान रहें।

कागजों का मिलान जरूर करें

जमीन खरीदते या बेचते समय ऑनलाइन खतौनी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उसे हमेशा ओरिजिनल रजिस्ट्री के कागजों (बैनामा) से जरूर मिला लें।

कोई दिक्कत आ रही है? यहाँ मदद लें (Helpline & Grievance)

अगर आपको रिकॉर्ड ढूँढने में परेशानी हो रही है या आपकी ज़मीन के रिकॉर्ड में कोई गलती है (शिकायत करनी है), तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

ऑफिशियल हेल्पलाइन
0522-2217145
दूसरा नंबर (Alternate)
7080100588
ईमेल आईडी
bhulekh-up@gov.in
मुख्यालय
राजस्व परिषद, लखनऊ

शिकायत कहाँ करें: अगर ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है या रकबा गलत चढ़ गया है, तो आप IGRS जनसुनवाई (jansunwai.up.nic.in) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सीधे तहसील में SDM/तहसीलदार को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।

लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं (FAQ)

क्या मैं सिर्फ नाम डालकर ज़मीन खोज सकता हूँ?+

जी हाँ, बिल्कुल! आप पोर्टल पर 'खातेदार के नाम द्वारा खोजें' विकल्प पर क्लिक करके सिर्फ नाम से भी अपनी ज़मीन का रिकॉर्ड खोज सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, आपको सही गाँव का नाम पता होना चाहिए।

क्या ऑनलाइन निकाली गई खतौनी कोर्ट या बैंक में मान्य होती है?+

ऑनलाइन निकाली गई सामान्य कॉपी सिर्फ आपकी जानकारी के लिए होती है। अगर आपको बैंक से लोन लेना है या कोर्ट में कागज देना है, तो आपको तहसील से "प्रमाणित कॉपी" (Certified Copy) ही निकलवानी पड़ेगी, जिसपर मुहर और हस्ताक्षर होते हैं।

मेरा नाम खतौनी में नहीं दिख रहा है, क्या करूँ?+

अगर आपने हाल ही में ज़मीन खरीदी है, तो नाम चढ़ने (दाखिल-खारिज या Mutation) की एक प्रक्रिया होती है जिसमें 35-40 दिन का समय लगता है। अगर काफी समय बाद भी नाम नहीं आया है, तो अपनी तहसील में जाकर लेखपाल से मिलें।

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